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बिहार में सत्ता बदलने की उलटी गिनती, 48 घंटे में नया CM संभव, निशांत के फैसले से बढ़ी हलचल

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बिहार में अगले 48 घंटे में नई सरकार का गठन संभव। Nitish Kumar के इस्तीफे के बाद NDA नेता चुनेगा CM। Nishant Kumar के रुख से सियासत में नया मोड़

पटना/आलम की खबर:बिहार की राजनीति एक बार फिर तेज मोड़ पर आ खड़ी हुई है, जहां अगले 48 घंटे सत्ता की पूरी तस्वीर बदल सकते हैं। राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर चल रही कवायद अब अंतिम चरण में पहुंच गई है और राजनीतिक गलियारों में सस्पेंस चरम पर है। सत्ता परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री के चेहरे और नई सरकार के समीकरण को लेकर अभी भी कई सवाल बने हुए हैं।

मौजूदा हालात संकेत दे रहे हैं कि 14 अप्रैल के बाद बिहार में नई सरकार का रास्ता साफ हो जाएगा। इसी के साथ यह भी तय हो जाएगा कि राज्य की कमान किसके हाथ में होगी। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक नया ट्विस्ट सामने आया है, जिसने राजनीतिक समीकरणों को और जटिल बना दिया है।

निशांत कुमार के रुख से बढ़ा सियासी सस्पेंस

मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar को लेकर इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। माना जा रहा था कि नई सरकार में उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, लेकिन सूत्रों के अनुसार उन्होंने फिलहाल किसी भी सरकारी पद को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।

बताया जा रहा है कि निशांत कुमार अभी सक्रिय राजनीति में जल्दबाजी के पक्ष में नहीं हैं और वे किसी संवैधानिक जिम्मेदारी से दूरी बनाए रखना चाहते हैं। उनके इस रुख ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर नई रणनीतिक चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उन्हें मनाने में जुटे हैं, लेकिन अभी तक वे अपने फैसले पर कायम बताए जा रहे हैं।

JDU ने तैयार किया प्लान-बी

निशांत कुमार के इनकार के बाद JDU ने वैकल्पिक रणनीति पर काम तेज कर दिया है। पार्टी अब ऐसे नामों पर विचार कर रही है जो सामाजिक और राजनीतिक संतुलन बनाए रख सकें। सूत्रों का कहना है कि अगर निशांत कुमार अपने रुख पर कायम रहते हैं तो पार्टी दो नए चेहरों को उपमुख्यमंत्री बनाकर समीकरण साधने की कोशिश कर सकती है।

इस पूरे घटनाक्रम में Lalan Singh की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। वे लगातार पटना में मौजूद रहकर पार्टी की रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इसके अलावा Sanjay Jha, Vijay Kumar Chaudhary और Bijendra Yadav जैसे वरिष्ठ नेता भी लगातार बैठकों में शामिल होकर नए सत्ता समीकरण को आकार दे रहे हैं।

CM हाउस में बैठकों का दौर तेज

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री आवास पर लगातार बैठकों का दौर जारी है। इन बैठकों में नई सरकार के गठन से जुड़े सभी अहम मुद्दों पर मंथन किया जा रहा है। मंत्रिमंडल का स्वरूप कैसा होगा, किन नेताओं को कौन सा विभाग मिलेगा और क्षेत्रीय व जातीय संतुलन कैसे साधा जाएगा—इन सभी बिंदुओं पर गहन चर्चा चल रही है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार कैबिनेट गठन में नए चेहरों को मौका देने के साथ-साथ अनुभवी नेताओं को भी संतुलित तरीके से शामिल किया जाएगा। इससे सरकार को स्थिरता और राजनीतिक मजबूती देने की कोशिश होगी।

14 अप्रैल को बड़ा फैसला संभव

जानकारी के अनुसार 14 अप्रैल को सुबह कैबिनेट की अंतिम बैठक बुलाई जा सकती है, जिसमें वर्तमान मंत्रिपरिषद को भंग करने का प्रस्ताव पारित होगा। इसके बाद मुख्यमंत्री Nitish Kumar राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं।

इस्तीफे के तुरंत बाद NDA विधायक दल की बैठक आयोजित होगी, जिसमें नए नेता का चुनाव किया जाएगा। इस प्रक्रिया को निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए भाजपा ने Shivraj Singh Chouhan को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उनकी मौजूदगी में ही विधायक दल का नेता चुना जाएगा।

BJP के खाते में जा सकता है CM पद

राजनीतिक संकेतों के मुताबिक इस बार मुख्यमंत्री पद भारतीय जनता पार्टी के पास जा सकता है। हालांकि, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन अंदरखाने की चर्चाएं इसी दिशा में इशारा कर रही हैं।

नई सरकार में दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है, जो JDU कोटे से हो सकते हैं। ऐसे में पार्टी के सामने यह चुनौती होगी कि वह सभी सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को साधते हुए संतुलित नेतृत्व पेश करे।

15 अप्रैल को शपथ की तैयारी

अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार होता है, तो 15 अप्रैल को नए मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। इस कार्यक्रम में बड़े नेताओं की मौजूदगी की संभावना है, जिससे यह समारोह और भी अहम हो जाता है।

आने वाले दिन तय करेंगे नई दिशा

कुल मिलाकर बिहार की राजनीति इस समय बेहद संवेदनशील और निर्णायक दौर से गुजर रही है। अगले 48 घंटे न सिर्फ नई सरकार का गठन तय करेंगे, बल्कि यह भी स्पष्ट करेंगे कि राज्य की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

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